बिहार के जंगलराज की कहानी -2

Sonu kumar Mishra
#जंगलराजकीयादें

सिन्हा जी पटना के एक बहुत ही मसहूर डॉक्टर
थे ।।एक प्रसिद्ध सर्जन भी थे जो अमेरिका से
पढ़ाई और काम करके वापस अपने मात्रभूमि में
काम और सेवा के मकसद से पटना लौटे थे ।।पटना
में उनकी खूब डाक्टरी चलती थी ।। दूर दूर से
मरीज आते थे सिन्हा जी को दिखाने ।।साथ
साथ वे लालू प्रसाद के करीबी यानी फेमिली
डॉक्टर भी थे ।। उस दौर में डॉक्टरों का
अपहरण और फिरौती अपने चरम पर था ।। पर
सिन्हा जी को लगता था की मेरे ऊपर
मुख्यमन्त्री का हाथ है मेरा कोई कुछ नही
बिगाड़ सकता ।।

तभी एक दिन उनके घर भी फोन बजा और
आवाज आई आपको सेलेक्ट किया गया है
अपहरण के लिए ।।ऐसा करिये 5 लाख दे दीजिये
वरना आपके अपहरण पर जो खर्चा आएगा वो
अलग से और देना होगा ।। डॉक्टर साहब बोले तू
मुझे जानता नही है मैं कौन हु ये कहते हुए फोन
काट दिया ।। अगले दिन लालू के पास पहुचे और
पूरी घटना बताई ।। लालू ने कहा चिंता मत
कीजिये हम देख लेंगे ।। अगले दिन डॉक्टर साहब
के पास फिर फोन आया की मिल आये
मुख्यमन्त्री जी से और बता दिया न ।। अब नए
हिस्सेदार बन गए है ।। अब 10 लाख कर दिया है
।। 3 दिन में लेने आएंगे ।।

डॉक्टर साहब मुख्यमन्त्री निवास पहुचे और
पूरी घटना बताई और फिरौती की नई रकम के
बारे में बोला।। बगल में साधू यादव भी थे ।। जो
डॉक्टर को देखकर मुस्करा रहे थे ।। लालू जी ने
डॉक्टर से कहा " का सिन्हा जी एतना कमाते
हो हमारे बचवा लोग को पाँच दस लाख दे दोगे
तो कवन कम पड़ जाएगा "।। फिर साधू की तरफ
बोले डॉक्टर साहब अपने है दू लाख कम करवा दे ,
अब तो ठीक है डॉक्टर ।।

सिन्हा जी वापस घर आये फिर पता चला की
वापस हमेसा के लिए सपरिवार अमेरिका सिफ्ट
हो गए ।।

दुबारा शायद ही कभी बिहार वापस आएंगे ।।
बिहार ने अच्छा डॉक्टर हमेसा के लिए खो
दिया ।।

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