सुनो बे संस्कृति के ठेकेदारों, और गली छाप शोहदो तुम भी ध्यान देकर सुनना मेरे भरोसे अपनी संस्कृति मत बचाओ पहनूँगी जींस पैंट, क्योकि दम रखती हूँ चिरकुटो और मानसिक रोगियों को लतियाने का, हमें कुछ सलाह देने के पहले तुम टुच्चे लोग भारतीय वेशभूषा अपनाओ।
और हाँ लडकियों अगर तुम भी इनको लतियाने का दम रखती हो तो तुम्हे भी पहनने को आजादी है याद रखना "समरथ को ना कुछ दोष गोसाई"!
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2 comments: (+add yours?)
G
May bhi vidrohi hu samaj ka
good
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