हम स्वदेशी की बात करते हैं, और नकारात्मक लोग पूछते हैं कि आपका
मोबाइल, PC कहाँ का बना हैं और स्वदेशी की बात विदेशी साईट पर क्यों?
आप मुझे जवाब दीजिये की आजादी के इतनो वर्षो बाद हमने खुद का मोबाइल और लैपटॉप क्यों नहीं बनाया, क्यों नहीं किसी भारतीय ने फेसबुक जैसी साईट बनाई? आज अगर हमारे पास ऑप्शन होता तो हम उसे यूज़ करते, नहीं हैं और जरुरत की चीज हैं तो मजबूरी में ये विदेशी सामान हमें यूज़ करना पड़ रहा हैं |
और इतने अभाव के बावजूद आप हमारी हिम्मत तो देखिये, विदेशी मोबाइल विदेशी लैपटॉप और विदेशी साईट पर हम स्वदेशी का झंडा बुलंद कर रहे हैं लोगो को जाग्रत कर रहे हैं प्रेरित कर रहे हैं की लोग स्वदेशी का इस्तेमाल करे, और आप हमारी टांग खिंच रहे हैं, बताइए मुझे शर्म हमें या आपको आनी चाहिए!!
और स्वदेशी की बात करने वाले लोग जो रक्षा क्षेत्र में, और भारी तकनीकी वाले क्षेत्र में FDI का विरोध कर रहे हैं उन्हें चाइना के उद्योगिक विकास का इतिहास समझना होगा, चाइना ने ना तो मोबाइल की तकनिकी विकसित की और ना ही कोई कम्प्यूटर या सामरिक हथियार का आविष्कार किया, यहाँ तक की उन्होंने मोबाइल में पड़ने वाली मामूली मेमोरी चीप तक बनाने की कोई तकनिकी विकसित नहीं की, उन्होंने दुनिया भर की कम्पनियों और फैक्टरियों को अपने यहाँ प्लांट डालने के लिए आमंत्रित किया, उन्हें जमीन, बिजली और सस्ती लेबर उपलब्ध करवाया, इससे उनके यहाँ रोजगार बढ़ा (मगर मजदूरों के खराब आर्थिक हालत, और उनके शोषण से मैं सहमत नहीं हूँ) और उन्हें तकनिकी भी मिली और आज वो दुनिया का हर सामान खुद बनाते हैं, उनके इंजिनियर, मजदूरों ने विदेशी कम्पनियों की तकनीकी चुराई, और कुछ तकनीकि उन्हें समझौते के तहत मिली जिसका उन्हें बहुत लाभ हुआ और वो देखते देखते महाशक्ति बन गये |
और यही काम हमारे प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी करना चाहते हैं, क्योकि भारत की खराब आर्थिक स्थिति की वजह से हम R&D में ज्यादा खर्च नहीं कर सकते क्योकि अभी भी भारत की बहुसंख्यक जनता की मुलभुत आवश्यकता तक पूर्ववर्ती सरकारे नहीं पूरा कर पायी हैं और यह मोदी जी की दूरदर्शी योजना हैं|
हम सिर्फ रिटेल में FDI का विरोध कर रहे हैं, और उन क्षेत्रो में जहाँ हम आत्मनिर्भर हैं या बन सकते हैं और यह विरोध हमने कांग्रेस शासन में भी किया था और आगे किसी की सरकार रहेगी उसका भी करते रहेंगे, तकनीकी के क्षेत्र में FDI लाने का हमने कांग्रेस का भी विरोध नहीं किया था, परन्तु सुनने में आ रहा हैं की मिडिया में भी मोदी सरकार FDI लाना चाहती हैं जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं क्योकि मिडिया के क्षेत्र में FDI देश के लिए आत्मघाती फैसला होगा|
आप मुझे जवाब दीजिये की आजादी के इतनो वर्षो बाद हमने खुद का मोबाइल और लैपटॉप क्यों नहीं बनाया, क्यों नहीं किसी भारतीय ने फेसबुक जैसी साईट बनाई? आज अगर हमारे पास ऑप्शन होता तो हम उसे यूज़ करते, नहीं हैं और जरुरत की चीज हैं तो मजबूरी में ये विदेशी सामान हमें यूज़ करना पड़ रहा हैं |
और इतने अभाव के बावजूद आप हमारी हिम्मत तो देखिये, विदेशी मोबाइल विदेशी लैपटॉप और विदेशी साईट पर हम स्वदेशी का झंडा बुलंद कर रहे हैं लोगो को जाग्रत कर रहे हैं प्रेरित कर रहे हैं की लोग स्वदेशी का इस्तेमाल करे, और आप हमारी टांग खिंच रहे हैं, बताइए मुझे शर्म हमें या आपको आनी चाहिए!!
और स्वदेशी की बात करने वाले लोग जो रक्षा क्षेत्र में, और भारी तकनीकी वाले क्षेत्र में FDI का विरोध कर रहे हैं उन्हें चाइना के उद्योगिक विकास का इतिहास समझना होगा, चाइना ने ना तो मोबाइल की तकनिकी विकसित की और ना ही कोई कम्प्यूटर या सामरिक हथियार का आविष्कार किया, यहाँ तक की उन्होंने मोबाइल में पड़ने वाली मामूली मेमोरी चीप तक बनाने की कोई तकनिकी विकसित नहीं की, उन्होंने दुनिया भर की कम्पनियों और फैक्टरियों को अपने यहाँ प्लांट डालने के लिए आमंत्रित किया, उन्हें जमीन, बिजली और सस्ती लेबर उपलब्ध करवाया, इससे उनके यहाँ रोजगार बढ़ा (मगर मजदूरों के खराब आर्थिक हालत, और उनके शोषण से मैं सहमत नहीं हूँ) और उन्हें तकनिकी भी मिली और आज वो दुनिया का हर सामान खुद बनाते हैं, उनके इंजिनियर, मजदूरों ने विदेशी कम्पनियों की तकनीकी चुराई, और कुछ तकनीकि उन्हें समझौते के तहत मिली जिसका उन्हें बहुत लाभ हुआ और वो देखते देखते महाशक्ति बन गये |
और यही काम हमारे प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी करना चाहते हैं, क्योकि भारत की खराब आर्थिक स्थिति की वजह से हम R&D में ज्यादा खर्च नहीं कर सकते क्योकि अभी भी भारत की बहुसंख्यक जनता की मुलभुत आवश्यकता तक पूर्ववर्ती सरकारे नहीं पूरा कर पायी हैं और यह मोदी जी की दूरदर्शी योजना हैं|
हम सिर्फ रिटेल में FDI का विरोध कर रहे हैं, और उन क्षेत्रो में जहाँ हम आत्मनिर्भर हैं या बन सकते हैं और यह विरोध हमने कांग्रेस शासन में भी किया था और आगे किसी की सरकार रहेगी उसका भी करते रहेंगे, तकनीकी के क्षेत्र में FDI लाने का हमने कांग्रेस का भी विरोध नहीं किया था, परन्तु सुनने में आ रहा हैं की मिडिया में भी मोदी सरकार FDI लाना चाहती हैं जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं क्योकि मिडिया के क्षेत्र में FDI देश के लिए आत्मघाती फैसला होगा|
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