AAP की दिल्ली जीत का सच!!


एक सच यह भी !!

AAP की सोशल मिडिया टीम, बीजेपी से ज्यादा तेज तर्रार और संगठित हैं, उनका विजन क्लियर हैं, उन्हें पता हैं की कैसे प्रोपोगंडा फैलाकर माहौल को अपने पक्ष में बनाना हैं। जब वो सही होते हैं तो उनके पास बेमिसाल अकाट्य तर्क होते हैं, पूरा होमवर्क करके हर सवाल का तर्कपूर्ण जवाब देते हैं और जब वो प्रोपोगंडा फैला रहे होते हैं तो "कीचड़ फेंको और भागो" की नीति अपनाते हैं।

उसके उलट सोशल मिडिया में बीजेपी समर्थक जब सही होते हैं तब भी अपनी बात सही तरीके से रख नहीं पाते, कुछ लोगो को छोड़ दिया जाए तो तर्को के धरातल पर बाकी सभी शून्य नजर आते हैं, और इरिटेट होने पर गाली गलौज करके लोगो को चुप कराना चाहते हैं, हाँ गाली गलौज AAP वाले भी करते हैं पर वो उसको भी अपने हक में इस्तेमाल करके खुद को विक्टिम भी बना लेते हैं।

प्रोपागण्डा फैलाने में बीजेपी समर्थक बच्चो की तरह हैं की इनका प्रोपोगंडा बच्चे भी पकड़ ले। दूसरी सबसे बड़ी कमी की बीजेपी समर्थक AAP वालो के प्रोपोगंडा को तोड़ नहीं पाते सच जानते हुए भी उसे व्यक्त करने में पीछे रह जाते हैं। अब आप देखिये की मोदी जी के सूट की कीमत सिर्फ 12 हजार रूपये थी जो यही भारत में
बना था और गिफ्ट किया हुआ था पर बीजेपी समर्थक इस पर अनर्गल तर्क देते नजर आये, कई तो यह बोलते नजर आये की PM हैं तो 12 लाख का सूट भी नहीं पहन सकते।

दूसरा मामला कालेधन को लेकर था बीजेपी के किसी नेता ने यह कभी नहीं कहा की 15 लाख सबके अकॉउंट में दिए जाएंगे, और शायद आपको जानकारी ना हो पर बीजेपी ने 35 सौ करोड़ काला धन वापस रिकवर कर चुकी हैं और मार्च लास्ट तक 10 हजार करोड़ और वापस लाने वाली हैं पर पुरे चुनाव में इसकी कोई
चर्चा नही हुई ऐसे बहूत से मामले हैं जब हम फेल रहे।

बहुत कम लोग ही फेसबुक पर ऐसे दीखते हैं जो जबरदस्त तरीके से खुद को डिफेंड करते हुए ऐसा पलटवार करते हैं की वैचारिक दुश्मन सामने
पड़ने की अपेक्षा ब्लाक करने में ही अपनी बहादुरी समझता हैं। कई बार मैंने इस तरफ RW वालो का ध्यान खींचने की कोशिस की हैं पर लोग समझने में असफल रहे।

पढ़िए खूब पढ़िए इतिहास पढ़िए, समाचार पढ़िए, लोगो का लिखा पढ़िए समझिये आत्मसात करिये और फिर न्याय धर्म नैतिकता आदि किनारे रखकर लड़िये, याद रखिये महाभारत युद्ध में भी बहुत से धर्म नियम आदि शत्रु को हराने के लिए तोड़े गए थे, आप "अच्छे काम" के लिए थोड़ा धर्म विरुद्ध भी कार्य करेंगे तो भी यह गलत नहीं होगा बस नियत साफ़ होनी चाहिए और लक्ष्य देश का भला होना चाहिए !!

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