आखिर आपको क्या परेशानी हैं भारतीय
व्यवसायियो से??
यह सवाल मैं उन तमाम लोगो से पूछना चाहती हूँ जो अम्बानी अडानी पर हर चुनाव में कीचड़ उछालते हैं और उनकी आड़ में छिपकर विरोधी राजनैतिक दलो पर अपना कुत्सित हित साधने के लिए हमले करते हैं।
क्या यह जलन हैं?
हाँ यह मामला जलन का ही हैं क्योकि यहाँ सभी धनवान और सफल बनना चाहते हैं पर बिना मेहनत किये और जब नहीं बन पाते हैं तो हर अमीर आदमी को कोसना शुरू कर देते हैं और उन्हें चोर बताते फिरते हैं जबकि देखा जाए तो इस देश के हर नागरिक को "समान अवसर" उपलब्ध थे, अम्बानी अडानी बनने के लिए और जिसने मेहनत की वो उस स्तर तक पहुँचा!
ये आरोप लगाते हैं की उन्हें बैंको से कर्ज दिया जाता हैं, अच्छा आप बताइये बैंक का व्यवसायी को कर्ज देना क्या संविधान के विरुद्ध हैं? और कर्ज देते हैं दान नहीं करते, बैंक दिए हुए कर्ज पर ब्याज लेता हैं और कर्ज
भी उन्ही को देता हैं जिनकी लौटाने की औकात होती हैं। दुनिया का हर देश अपने व्यवसायी वर्ग के लिए कर्ज, अनुदान और दूसरे देशो में व्यवसाय के लिए सम्भावनाये तलाश करता हैं। जार्ज बुश से लेकर बिल क्लिंटन और
अभी ओबामा जितनी बार भी भारत आते हैं अपने साथ अपने देश के व्यवसायिक प्रतिनिधिमण्डल लेकर आते हैं उनके लिए सम्भावनाये खोजते हैं ताकि उनके देश में पैसा आये और उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत बने।
और यहाँ भारत में अम्बानी की फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी का बेटा अम्बानी को चोर बोलता हैं, सरकार से ये लोग रोजगार माँगते हैं, क्या सरकार फैक्ट्री चलाती हैं जो देश के हर बेरोजगार को जॉब देगी, भारत के 70 प्रतिशत लोगो के घर इन्ही व्यवसायी वर्ग की वजह से चूल्हा जलता हैं।
जलना छोडो बराबरी करो, मेहनत
करो क्योकि तुम तरक्की करोगे तो देश
तरक्की करेगा।
(मैं किसी अम्बानी अडानी के खानदान से
नहीं आती, आम मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ पर
भारत के हर व्यवसायी के साथ हूँ और उनके
अधिकार के लिए हमेशा कम्युनिस्ट
नक्सलियों को जवाब देने के लिए तैयार हूँ )
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