एक और तुगलकी बिल "फ़ूड सिक्युरिटी बिल"

क्या आपको लगता हैं की इस देश का कुछ होगा??

सारे नेता और दल सिर्फ जनता को भिखारी बनाने पर तुले हैं, दो रुपिया में चावल लो गेंहू लो लैपटॉप लो बेरोजगारी भत्ता लो और ना जाने क्या क्या ....

और मुर्ख जनता विरोध भी नहीं करती की ये भीख नहीं रोजगार दो...

पूरी  दुनिया के किसी भी  देश में कोई भी सरकार इस तरह बिना मेहनत के कोई भी सुविधा जनता को नहीं देती, पर भारत की जनता को निकम्मा और उनकी सोचने समझने की ताकत छिनने के लिए सिर्फ यही यह सुविधा दी जा रही हैं जिसका सबसे बड़ा असर भारत के मध्यवर्ग पर पड़ेगा| भारत का मध्यवर्ग ही भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं उसकी छोटी छोटी बचत दीर्घकालिक होती हैं जो अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं| जब सारा विश्व आर्थिक मंदी की चपेट में था तब भी भारतीय अर्थव्यवस्था सिर्फ मध्यवर्ग की बचत के भरोसे बची रही, परन्तु अब जब भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर पर हैं उस समय राजकोष पर बोझ बनेगी और यह पैसा सीधे टैक्स के माध्यम से मध्यवर्ग से वसूला जाएगा| जो मध्यवर्ग बढती महगाई की वजह से पहले से परेशान हैं वह और गरीब होगा यानी की देश में गरीबो की संख्या भी बढ़ेगी और मध्य वर्ग जो अपनी दीर्घकालिक बचत से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता था वह बढती महँगाई में संभव नहीं होगा|

यानी की रुपये के अवमूल्यन  और पेट्रोलियम का बढ़ता रेट और उस पर यह तुगलकी फ़ूड सिक्युरिटी बिल देश को आर्थिक मंदी के गर्त में धकेल देंगा|

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