लड़कियों हैं हिम्मत !!

2 comments


सुनो बे संस्कृति के ठेकेदारों, और गली छाप शोहदो तुम भी ध्यान देकर सुनना मेरे भरोसे अपनी संस्कृति मत बचाओ पहनूँगी जींस पैंट, क्योकि दम रखती हूँ चिरकुटो और मानसिक रोगियों को लतियाने का, हमें कुछ सलाह देने के पहले तुम टुच्चे लोग भारतीय वेशभूषा अपनाओ।

और हाँ लडकियों अगर तुम भी इनको लतियाने का दम रखती हो तो तुम्हे भी पहनने को आजादी है याद रखना "समरथ को ना कुछ दोष गोसाई"!

लड़कियो के सहारे संस्कृति बचाने की कोशिस!!

2 comments


लडकिया शराब पीती हैं सिगरेट पीती हैं देर रात पब में डांस करती हैं और भी बहुत से वर्जित काम करती हैं संस्कृति की तो कोई परवाह ही नही हैं, ना जाने क्या होगा देश का??

मूर्खो क्या संस्कृति बचाने का सारा ठेका लड़कियों ने ले रखा हैं, तुम लोगो के शराब पीकर, सड़क पर महिलाओ को छेड़ने से संस्कृति और सभ्यता में चार चाँद
लगते हैं?

और किस अमेरिका और यूरोप को कोस रहे हो? वो तुमसे आगे ही नहीं, बहुत आगे हैं चाँद से लेकर मंगल तक की दुरी उन्होंने तय की, लाइलाज बीमारियों का निदान खोजा, और तुमसे कही ज्यादा महिलाओ का सम्मान भी करते हैं, पिछले दो सौ वर्षो में उन्होंने कामयाबी की हर सीढ़ी पर कदम रखा हैं और विश्व को अपना कायल बनाया हैं और तुम अभी भी अपने गौरवमयी इतिहास से चिपके अपना वर्तमान अँधेरे में बर्बाद कर रहे हो!!

आखिर आपको क्या परेशानी हैं भारतीय व्यवसायियो से?

0 comments


आखिर आपको क्या परेशानी हैं भारतीय
व्यवसायियो से??


यह सवाल मैं उन तमाम लोगो से पूछना चाहती हूँ जो अम्बानी अडानी पर हर चुनाव में कीचड़ उछालते हैं और उनकी आड़ में छिपकर विरोधी राजनैतिक दलो पर अपना कुत्सित हित साधने के लिए हमले करते हैं।

क्या यह जलन हैं?

हाँ यह मामला जलन का ही हैं क्योकि यहाँ सभी धनवान और सफल बनना चाहते हैं पर बिना मेहनत किये और जब नहीं बन पाते हैं तो हर अमीर आदमी को कोसना शुरू कर देते हैं और उन्हें चोर बताते फिरते हैं जबकि देखा जाए तो इस देश के हर नागरिक को "समान अवसर" उपलब्ध थे, अम्बानी अडानी बनने के लिए और जिसने मेहनत की वो उस स्तर तक पहुँचा!

ये आरोप लगाते हैं की उन्हें बैंको से कर्ज दिया जाता हैं, अच्छा आप बताइये बैंक का व्यवसायी को कर्ज देना क्या संविधान के विरुद्ध हैं? और कर्ज देते हैं दान नहीं करते, बैंक दिए हुए कर्ज पर ब्याज लेता हैं और कर्ज
भी उन्ही को देता हैं जिनकी लौटाने की औकात होती हैं। दुनिया का हर देश अपने व्यवसायी वर्ग के लिए कर्ज, अनुदान और दूसरे देशो में व्यवसाय के लिए सम्भावनाये तलाश करता हैं। जार्ज बुश से लेकर बिल क्लिंटन और
अभी ओबामा जितनी बार भी भारत आते हैं अपने साथ अपने देश के व्यवसायिक प्रतिनिधिमण्डल लेकर आते हैं उनके लिए सम्भावनाये खोजते हैं ताकि उनके देश में पैसा आये और उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत बने।

और यहाँ भारत में अम्बानी की फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी का बेटा अम्बानी को चोर बोलता हैं, सरकार से ये लोग रोजगार माँगते हैं, क्या सरकार फैक्ट्री चलाती हैं जो देश के हर बेरोजगार को जॉब देगी, भारत के 70 प्रतिशत लोगो के घर इन्ही व्यवसायी वर्ग की वजह से चूल्हा जलता हैं।

जलना छोडो बराबरी करो, मेहनत
करो क्योकि तुम तरक्की करोगे तो देश
तरक्की करेगा।

(मैं किसी अम्बानी अडानी के खानदान से
नहीं आती, आम मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ पर
भारत के हर व्यवसायी के साथ हूँ और उनके
अधिकार के लिए हमेशा कम्युनिस्ट
नक्सलियों को जवाब देने के लिए तैयार हूँ )

AAP की दिल्ली जीत का सच!!

0 comments


एक सच यह भी !!

AAP की सोशल मिडिया टीम, बीजेपी से ज्यादा तेज तर्रार और संगठित हैं, उनका विजन क्लियर हैं, उन्हें पता हैं की कैसे प्रोपोगंडा फैलाकर माहौल को अपने पक्ष में बनाना हैं। जब वो सही होते हैं तो उनके पास बेमिसाल अकाट्य तर्क होते हैं, पूरा होमवर्क करके हर सवाल का तर्कपूर्ण जवाब देते हैं और जब वो प्रोपोगंडा फैला रहे होते हैं तो "कीचड़ फेंको और भागो" की नीति अपनाते हैं।

उसके उलट सोशल मिडिया में बीजेपी समर्थक जब सही होते हैं तब भी अपनी बात सही तरीके से रख नहीं पाते, कुछ लोगो को छोड़ दिया जाए तो तर्को के धरातल पर बाकी सभी शून्य नजर आते हैं, और इरिटेट होने पर गाली गलौज करके लोगो को चुप कराना चाहते हैं, हाँ गाली गलौज AAP वाले भी करते हैं पर वो उसको भी अपने हक में इस्तेमाल करके खुद को विक्टिम भी बना लेते हैं।

प्रोपागण्डा फैलाने में बीजेपी समर्थक बच्चो की तरह हैं की इनका प्रोपोगंडा बच्चे भी पकड़ ले। दूसरी सबसे बड़ी कमी की बीजेपी समर्थक AAP वालो के प्रोपोगंडा को तोड़ नहीं पाते सच जानते हुए भी उसे व्यक्त करने में पीछे रह जाते हैं। अब आप देखिये की मोदी जी के सूट की कीमत सिर्फ 12 हजार रूपये थी जो यही भारत में
बना था और गिफ्ट किया हुआ था पर बीजेपी समर्थक इस पर अनर्गल तर्क देते नजर आये, कई तो यह बोलते नजर आये की PM हैं तो 12 लाख का सूट भी नहीं पहन सकते।

दूसरा मामला कालेधन को लेकर था बीजेपी के किसी नेता ने यह कभी नहीं कहा की 15 लाख सबके अकॉउंट में दिए जाएंगे, और शायद आपको जानकारी ना हो पर बीजेपी ने 35 सौ करोड़ काला धन वापस रिकवर कर चुकी हैं और मार्च लास्ट तक 10 हजार करोड़ और वापस लाने वाली हैं पर पुरे चुनाव में इसकी कोई
चर्चा नही हुई ऐसे बहूत से मामले हैं जब हम फेल रहे।

बहुत कम लोग ही फेसबुक पर ऐसे दीखते हैं जो जबरदस्त तरीके से खुद को डिफेंड करते हुए ऐसा पलटवार करते हैं की वैचारिक दुश्मन सामने
पड़ने की अपेक्षा ब्लाक करने में ही अपनी बहादुरी समझता हैं। कई बार मैंने इस तरफ RW वालो का ध्यान खींचने की कोशिस की हैं पर लोग समझने में असफल रहे।

पढ़िए खूब पढ़िए इतिहास पढ़िए, समाचार पढ़िए, लोगो का लिखा पढ़िए समझिये आत्मसात करिये और फिर न्याय धर्म नैतिकता आदि किनारे रखकर लड़िये, याद रखिये महाभारत युद्ध में भी बहुत से धर्म नियम आदि शत्रु को हराने के लिए तोड़े गए थे, आप "अच्छे काम" के लिए थोड़ा धर्म विरुद्ध भी कार्य करेंगे तो भी यह गलत नहीं होगा बस नियत साफ़ होनी चाहिए और लक्ष्य देश का भला होना चाहिए !!

आपकी "जलन" ही हमारी ताकत हैं !!

0 comments


-देश की जीडीपी 7.4% पहुँच गयी!!

-घरेलू सामान की मंहगाई दर लगातार घट रही है !!

-35 सौ करोड़ का काला धन रिकवर कर लिया गया, मार्च तक 6500 करोड़ और आ रहा हैं, इस साल कुल तीस हजार करोड़ काला धन वापसी का लक्ष्य रखा गया हैं।

जनधन योजना के तहत देश में गरीबो को मुफ़्त बीमा और पांच हजार की OD की सुविधा भी प्रदान कर दी हैं, बदले में गरीबो ने देश का खजाना लबालब कर दिया हैं
मतलब सकारात्मकता और जमीनी विकास ने अपनी गति पकड़ ली हैं।

और उधर TOI-let पेपर ने PM के कोट का अधिक
मूल्य बताने पर माफ़ी भी मांग ली हैं।

पर आपका क्या? आपको तो मोदी जी के खिलाफ विषवमन से फुरसत नहीं, आपकी उनके प्रति अथाह नफरत और जलन हमे उनके और करीब लाती हैं, रोज सुबह उठने पर अपने खून में "भक्ति लेवल" बढ़ा हुआ पाती हूँ !!

समझिये, क्योकि इसी समझ में आपकी गति हैं !!

0 comments


ये कुछ उदाहरण हैं, इनमे छिपे सन्देश को गहराई से
समझने का प्रयास करियेगा।

1- गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पिछले
वर्ष 266 मन्दिरो में चोरी की वारदाते हुई
लेकिन इलेक्ट्रानिक मिडिया की छोड़िये
प्रिंट मिडिया में भी कोई चर्चा नहीं!!

2- 266 किलोग्राम सोना स्वामी पद्मनाभ मन्दिर से गायब हैं, पर कही कोई चर्चा नहीं !!

मगर एक "कान्वेंट स्कूल" में एक चोर आता हैं CCTV
कैमरों की वायर कट करता हैं और 8 हजार रूपये चुराकर भाग जाता हैं।

इलेक्ट्रानिक मिडिया पर यह बड़ी खबर बनती हैं, घण्टों के प्रोग्राम बनाये जाते हैं इसे चर्च पर हमला करार दिया जाता हैं, धर्मनिरपेक्षता की दुहाई दी जाती हैं प्रधानमन्त्री से जवाब माँगा जाता हैं।

नवनिर्वाचित दिल्ली के मुख्यमन्त्री श्री केजरीवाल जी, यह मुद्दा शपथ ग्रहण समारोह में उठाते हैं।

और जब स्कूल के "फादर" ने यह बोला की यह कोई
रिलिजियस मसला नहीं, बल्कि सिर्फ चोरी का मामला हैं तो मिडिया "कान्वेंट" शब्द पर जोर देकर चोरी की वारदात कवर कर रही हैं।

समझिये की ये क्या सन्देश देना चाहते हैं,
क्योकि इसी "समझ" में आपकी गति हैं !!

सच्चा स्वराज

0 comments


मित्रो इस देश में सच्चा लोकतन्त्र और स्वराज उस दिन
लौट कर आएगा जब सरकार आपके पैदा किये 12 बच्चों को रोटी, कपड़ा, दवा और शिक्षा के
समुचित प्रबन्ध करते हुए उनके बालिग़ होने पर
किसी सरकारी दफ्तर में "पान खाकर थूकने"
की नौकरी देगी, और साल दर साल
पदोन्नति देते हुए वेतनमान
की वृद्धि करती रहेगी। इसके साथ ही सभी के
घरो में फ्री बिजली दो रूपये किलो का चावल
आटा अनवरत विपणन करती रहेगी। वृद्ध होने पर
सरकारी पेंशन, चिकित्सा खर्च
की जिम्मेदारी भी सरकारी तौर पर निर्वहन
हो।

मित्रो, हमे अब ऐसी ही सरकार चुननी हैं
जो उपरोक्त वर्णित स्वराज इस देश में लाने के
लिए प्रतिबद्ध हो, जयहिंद !!